Islamic Shayari Collection 

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1. तुम राम कहो, वो रहीम कहें,

दोनों की ग़रज़ अल्लाह से है।

तुम दीन कहो, वो धर्म कहें,

मंशा तो उसी की राह से है।।


2. तकबीर का जो कुछ मतलब है,

नाकस की भी मंशा है वही।

तुम जिनको नमाजे़ कहते हो,

हिंदू के लिए पूजा है वही।।


3. मुल्क लुट जाएगा ये आसार नज़र आते हैं,

अब हुकूमत में सब मक्कार नज़र आते हैं।

मुल्क की आज़ादी में लुटा दीं जानें हमने,

और बेहयाओं को हम ही ग़द्दार नज़र आते हैं।।


4. नाम-ए-मोहम्मद से खुशबू-ए-वफा आती है, 

उनके रोजे से उम्मती उम्मती की सदा आती है।

काश कि बैठूं मैं मदीने की गलियों में,

कहते हैं कि वहां जन्नत से हवा आती है।।


2 Line Islamic Shayari 


5. सब कुछ अल्लाह की मर्ज़ी से होता है।

अल्लाह की मर्ज़ी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता !!


6. ना किसी से गिला कर ना किसी से शिकवा कर..

5 वक़्त की नमाज में सिरया के लिए दुआ कर !!


7. कैसे ? करूं शुक्रिया 🙏 तेरी मेहरबानियों का ए खुदा, 

मुझे मांगने 🙏 का सलीका नहीं है और तू देने की हर अदा जानता है।।


8. जमाना 🌎 जब भी मुझे मुश्किल में डाल देता है, 

मेरा रब हजारों 1000+ रास्ते निकाल देता है।


9. बच ना सका खुदा भी मोहब्बत के तकाजे से..

एक महबूब की खातिर सारा जहान बना डाला !!


10. नसीब वाले ही पाते हैं मौत अल्लाह के घर 🏠 में, 

वरना हादसे तो लाख होते हैं दुनिया 🌎 में।


11. अल्लाह से यही दुआ करना है की,

या अल्लाह हम सब को जन्नः-अल-फिरदौस अता फरमा (अमीन)।


इस्लामिक शायरी स्टेटस

 

12. न दौलत काम आएगी,

न ताक़त काम आएगी।

क़यामत के दिन सिर्फ मुहम्मद

की मोब्बत काम आएगी।।


13. दुआ करें सब्र करें, दुआ करें फिर सब्र करें, 

दुआ करते जाएं और सब्र करते जाएं।

वो सुन रहा है, वो देख रहा है,

वो आप के साथ है यकीन कर ले।।


14. ए मेरे रब मुझे इस काबिल बना दे कि मैं अपने मां बाप को हज करवा सकूं उनकी खवाहिशयत को पूरा कर सकूं।।


15. अल्लाह फरमाता है जब कोई तुम पर  जुल्म करे तुम मेरे इंतकाम पर राजी हो जाओ, क्योंकि मेरा इंतकाम तुम्हारे इंतकाम से बेहतर है।।


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16. कुरान ए पाक सिर्फ  चुमने, बंद करके गिलाफ में लपेटकर ऊंची जगह पर रखने के लिए नहीं उतारा गया बल्कि कुरान पाक खोलने, पढ़ने, समझकर उसको अमल करने और उसकी रोशनी दूसरों तक पहुंचाने के लिए उतारा गया है।


17. यह भी एक दुआ है खुदा से किसी का दिल ना दुखे हमारी वजह से, ए खुदा कर दे कुछ ऐसी इनायत हम पर कि खुशियां ही मिले सब को हमारी वजह से।।


18. जो ईमान तुम्हें बिस्तर से उठाकर मस्जिद ना ले जा सके अभिमान तुम्हें कब्र से उठाकर जन्नत कैसे ले जाएगा।।


Islamic Shayari in Urdu 


19. यह सोच कर नमाज मत छोड़ो के अभी जिंदगी बहुत बाकी है बल्कि यह सोचकर नमाज अदा करो कि यह मेरी जिंदगी की आखिरी नमाज है।।


20. हजरत अली से पूछा गया कि कैसे पता चलता है कौन कितना कीमती है, उन्होंने फरमाया जिस इंसान में जितना ज्यादा एहसास हो वो उतना ही ज्यादा कीमती है।।


21. दुआ अपने लिए मांगना इबादत है और दूसरों के लिए मांगना खिदमत है, इबादत से जन्नत मिलती है और खिदमत से खुदा मिलता है।।


22. गुनाह की तरफ मयाल होने लगो तो तीन बातों को याद रखो – अल्लाह देख रहा है,  2. फरिश्ते लिख रहे हैं, 3. मौत हर हाल में आनी है।।


Islamic Shayari in hindi 


23. बहुत सुकून मिलता है मुझे तेरे सजदे में ए अल्लाह मेरी दुआ है कि मेरी रूह भी निकले तो तेरे सजदे में निकले।।


24. तुम वो मांगते हो जो तुम्हें अच्छा नजर आता है, अल्लाह वो देता है जो तुम्हारे लिए अच्छा होता है. अल्लाह से जिद ना किया करो, अल्लाह वो सब जानता है जो तुम नहीं जानते।।


25. ना गोरा रंग हुसैन की अलामत है और ना काला रंग बदसूरती की निशानी, कफन सफेद होकर भी खौफ की अलामत है और काबा काले गुनाह में भी आंखों की ठंडक है।।


26. माफ करने की आदत और हौसला पैदा करो, यह तो अल्लाह का करम है कि उसने इंसान के गुनाहों की परदा पोशी की, अगर तुम्हारे दरमियां एक दूसरे के गुनाह जाहिर हो जाते तो तुम एक दूसरे को दफन भी नहीं करते।।


27. तुम राम कहो, वो रहीम कहें,

दोनों की ग़रज़ अल्लाह से है।

तुम दीन कहो, वो धर्म कहें,

मंशा तो उसी की राह से है।।


Islamic Quotes and Shayari 


28. तकबीर का जो कुछ मतलब है,

नाकस की भी मंशा है वही।

तुम जिनको नमाजे़ कहते हो,

हिंदू के लिए पूजा है वही।।


29. न आना मौत की अभी मेरा किरदार बाकि हैं,

लाया था जो अपने रब से वो उधार बाकि हैं।

दीद तो हो गई बहोत खुशियो की ग़ालिब,  

लेकिन अभी आक़ा के रोज़े का दीदार बाकि हैं।।


30. मुल्क लुट जाएगा ये आसार नज़र आते हैं,

अब हुकूमत में सब मक्कार नज़र आते हैं।

मुल्क की आज़ादी में लुटा दीं जानें हमने,

और बेहयाओं को हम ही ग़द्दार नज़र आते है।।


31. खा कर कस्म हम रब से ये वादा करते है,

तेरे मेहबूब के फरमान पर हम ये अमलभी करते है।

करते है आज भी वफादारी हम उस वतन से,

जिस वतन की खुश्बू का ज़िक्र मेरे आक़ा करते है।।


32. वो शख्स जन्नत में नहीं दाखिल होगा,

जिसके दिल में राई के दाने के बराबर भी तकबर व गुरुर होगा

और वो शख्स जहन्नम में नहीं जाएगा जिसके दिल में राई के दाने के बराबर भी ईमान होगा।