Deepfake A.I Technology क्या है | कैसे बनते हैं डीपफेक विडियो

Ram Gupta

Deepfake Videos क्या होती हैं।

A.I ने लोगो की पर्सनल लाइफ मे दखलअंदाजी करना शुरू कर दिया हैं। इस का अंदेशा पहले से लगाया जा रहा था। A.I tools की मदद से बहुत आसानी से लोगों के Deepfake Videos बनाएं जा रहें हैं। Deepfake Videos उन विडियोज को कहा जाता है। जो Videos Fake होती है। मतलब असली विडियो किसी और का होता पर उस पर किसी और का Face लगा दिया जाता है। ऐसी विडियोज को ही Deepfake Videos कहा जाता है। आज कल सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से Deepfake Videos बना कर शेयर किए जा रहे हैं। A.I tools की मदद से सिर्फ डीपफेक विडियो ही नहीं Voice manipulate भी किया जा रहा है। Deep  Learning Technology की मदद से आप किसी भी इंसान का Voice Semple लेकर उससे कुछ भी बुलवा सकतें। 

Deepfake-A.I-Technology

Deepfake की शुरुआत कैसे हुई। 

Deepfake Videos की शुरुआत Photos Manipulation से हुई।  पहले किसी और की तस्वीर पर किसी और चेहरा लगा दिया जाता था। ऐसी आप ने कई तस्वीरें Social Media पर देखी होगी। Photos manipulation ही आगे चलकर Deepfake बना। Photos manipulation और Deepfake Videos मे अंतर यही है की Photos मे किसी और Face swap कर दिया जाता है। डीपफेक मे  विडियोज मे किसी और का Face swap कर दिया जाता है। Deepfake शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले 2017 मे एक Reddit Users ने किया था। पहले मशहूर हस्तियों के चेहरे को किसी अश्लील फिल्मो पर लगा दिया जाता था। ये सब करने के लिए Deep Learning Technology  का इस्तेमाल किया जाता था।

पहले Deepfake Videos बनाना हर किसी के बस की बात नहीं थी। सिर्फ इसके एक्सपर्ट ही Deep Learning Technology से ऐसी विडियोज बना सकते थे। धीर धीरे ये Technology लोगों मे फैलती गई। सोशल मीडिया पर Deep Learning Technology के tutorials शेयर किए जाने लगे। जिससे लोगो को इस technology को समझने में मदद मिली। रही सही कसर A.i Tools ने पूरी कर दी। अब कोई भी इंसान A.I Tools की मदद से Deepfake Content बना सकता है और Social Media पर Viral कर सकता है। 

आने वाले समय में Deepfake का क्या असर होगा। 

लोग पहले कहते थे की तस्वीरें और वीडियो कभी झूठ नहीं बोलते है। पर अब के आने वाले समय मे लोगो के लिए फर्क करना मुश्किल हो जायेगा की कौन सी विडियो असली है और कौन सी विडियो Deepfake है। लोग विडियो मे किसी के बारे मे कुछ भी बोल कर बाद मे पलट जायेंगे। कह देंगे यह उनका डीपफेक विडियो है। डीपफेक विडियो की वजह से नेता लोग प्रोपोगेंडा फैला सकते हैं। अपने विपक्षी नेताओं के डीप फेक विडियो वायरल करके वोटरों को बरगला सकते हैं। डीप फेक विडियो को जरिया बना कर दो देशों के रिश्तों को भी खराब किया जा सकता है।

किसी लडकी का डीपफेक विडियो बना कर उसे बदनाम किया जा सकता है। इसकी संभावना सबसे ज्यादा है। क्यों कि 96%  डीपफेक विडियो लड़कियों की ही बनाईं जाती है। ये कहना ग़लत नहीं होगा की आने वाले समय में Deepfake का शिकार सबसे ज्यादा महिलाएं ही होगी। इसलिए महिलाओं को डीप फेक टेक्नोलॉजी से ज्यादा सावधान और जागरूक रहने की जरूरत है। वास्तव में आने वाले समय मे हमारे चारों तरफ़ ऐसी विडियोज का ढेर लगा होगा। हम यह पता लगाने में असफल हो जायेंगे की कौन सी विडियो असली है और कौन सी विडियो डीपफेक है। 

Deepfake का पता कैसे लगाएं 

ऐसा नही है कि भविष्य मे Deepfake Technology को रोकना या इसका पता लगाना नामुमकिन हो जायेगा की कौन सी विडियोज फोटोज़ डीपफेक हैं और कौन सी विडियोज और फोटोज़ असली है। बिल्कुल इसका पता लगाया जा सकता। कई टेक कम्पनियां इस पर काम कर रही हैं। पाॅलिसी मेकर , रि- रिसर्चर और बड़ी-बड़ी टेक कम्पनियां डीपफेक के दुरुपयोग से लोगों को बचाने के लिए हर संभावित तरीक़े को ढूंढने मे लगी हैं।   लोगों को इसके बारे में जागरूक करने की भी ज़रूरत है। अभी  कुछ ऐसे A.I tools आ रहें हैं जिनकी हेल्प से आप Deepfake Content की पहचान कर सकते हैं। इन A.I tools से आपको यह पता लग जाता है की विडियो या फोटो A.I Generated हैं या नहीं। इसके साथ ही कुछ Online tools भी है। जिनसे आप A.i Generated Content का पता लगा सकते हैं। 

Deepfake Videos पर कानून क्या कहता है।

कुछ ही मिनटों मे किसी का भी Deepfake Videos बना उस को बदनाम किया जा सकता। Deepfake Technology कई प्रकार के Crime को जन्म दे सकती है। ऐसे में Deepfake Content से संबंधित कानून भी सख्त है। जो लोग डीपफेक विडियो बना कर गलत सूचना फैलाने , फर्जी समाचार बनाने , लोगों को धोखा देने , लोगों को बदनाम करने का काम कर रहे ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लेने का समय आ गया है। अगर इन्हें नही रोका गया तो परिणाम और भयावह हो सकतें हैं। डीपफेक के मामले में IPC की सेक्सन 66C , 66 E और 67 तहत कार्रवाई की जा सकती है।

IPC की धारा 195 A , 295 A केस दर्ज करके कारवाई की जाती है। IT Act 67 के तहत किसी Software या किसी इलेक्ट्रॉनिक तरीक़े से किसी अश्लील वीडियो या फोटो शेयर करने पर 3 साल की सज़ा और 5 लाख का जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ही किसी की पर्सनल फोटो बिना इजाज़त के खींचना और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करना भी गैरकानूनी है। अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर कोई ऐसी सामग्री शेयर करता है जिससे किसी की इमेज़ को नुक्सान पहुंचता है तो उस पर कानूनी एक्शन लिया जा सकता है।