1. हमने जो की थी मोहब्बत वो आज भी है, 
तेरे जुल्फों के साये की चाहत आज भी है। 
रात कटती है आज भी ख्यालों में तेरे, 
दीवानों सी मेरी वो हालत आज भी है।    
किसी और के तसब्बुर को उठती नहीं 
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है।
चाह के एक बार चाहे फिर छोड़ देना तू, 
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाजत आज भी है।



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2. ये संगदिलों की दुनिया है, ज़रा संभल कर चलना ऐ दोस्त; यहाँ पलकों पे बिठाया जाता है,नज़रों से गिराने के लिए।

3. मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना, अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी..।।

4. बहुत चाहा उसको जिसे हम पा न सके, ख्यालों में किसी और को ला न सके. उसको देख के आंसू तो पोंछ लिए, लेकिन किसी और को देख के मुस्कुरा न सके.

5. बारिश और मोहब्बत दोनों ही यादगार होती है फर्क बस इतना है कि एक मे जिस्म भीग जाता है और दूसरी मे आखें…..💞

6. *रुतबा तो 'खामोशियों'का होता है*,'
*अल्फ़ाज' का क्या*,
*वो तो मुकर जाते है हालात देखकर* !

7. न माझी, न हमसफ़र, न हक में हवाएँ,
कश्ती भी जर्जर, ये कैसा सफर है  मेरे प्रभु ...

8. अलग ही मज़ा है फकीरी का अपना,
न पाने की चिंता न खोने का डर है 

9. वो कहते हैं मजबूर हैं हम, ना चाहते हुए भी दूर हैं हम
💕💕💕💕💕

चुराली है उसने धडकने हमारी,अब भी कहते हैं बेकसूर हैं हम!

10हम इस काबिल तो नही की कोई हमे
अपना समजे , लेकिन इतना तो यकीन है
की कोई रोयेगा बहोत हमे खो देने के बाद ।

11. मोहब्बत की तलाश में निकले हो तुम अरे ओ पागल,
मोहब्बत खुद तलाश करती है जिसे बर्बाद करना हो।

12. *बहुत दिनों के बाद उसका कोरा कागज़ आया....*

*शायर हूँ साहेब.....लिखी हुई खामोशी पढ ली मैने..*

13. मैंने खुदा से पूछा वो छोड़ गया मुझे , उसकी क्या मजबूरी थी।
खुदा ने कहा ना कसूर इसमें तेरा , ना गलती उसकी थी। मैंने ये कहानी लिखी ही अधूरी थी।

14. लोग बेवजह ढूँढते है खुदखुशी के तरीके हजार ।

इश्क करके क्यूं नहीं देख लेते एक बार ।।

15. रूह पर भी, 
दाग़ आ जाता है.....!
जब दिलों में,
 दिमाग़ आ जाता है..।।

16. माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही….
पर ये सच ह के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,

उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही,

17. जब हम आपको निहारे कोई खलल ना हो,
गैर तो दूर आईने का भी दखल ना हो।

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18. ना पूछो कि मेरी मंजिल कहाँ है
अभी तो सफर का इरादा किया है
ना हारूंगा हौंसला उम्र भर
ये मैंने किसी से नहीं खुद से वादा किया है।

19. क्या क्या ख्वाब थे जाने कहा खो गए।
तुम भी किसी के साथ हो,,हम भी किसी के हो गए।।

20. तख़्त-ओ-ताज पर थे कभी
आज खाकसार हो गए।
हमने उनपर खुद को खर्च किया इस तरह
हम खुदपर ही उधार हो गए।।

21. ढूंढा करोगे हर किसी में मुझे एक दिन ऐसा मंजर भी आयेगा ,  हम याद भी आयेंगे औऱ आँखो में समंदर भी आयेगा !

22. आँसू न होते तो आँखे इतनी खुबसूरत न होती, दर्द न होता तो खुशियों की किंमत न होती,पूरी करता रब यूँ ही सबकी मुरादें, तो इबादत की कभी जरुरत न होती !!

23. हम दुनिया से दूर रहते हैं, उनकी याद में चूर रहते।
कोई जांचता नहीं इन निगाहों मे, जबसे दिल में हजूर रहते हैं।

24.  कुछ मोहब्बत का नशा था पहले हमको।
दिल जो टूटा तो नशे से मोहब्बत हो गई।।

25. जीते जी कौन कदर करता है किसी की ।
 ये तो मौत है जो इंसान को अनमोल बना देती है।

26. ठुकरा दिया जिन्होंने मुझे मेरा वक़्त देखकर।
ऐसा वक्त लाउंगा मिलना पड़ेगा मुझसे वक्त लेकर।।

27. मेरी लफ़्ज़ों में जिंदा रहने वाली , मैं तेरी खामोशियों से मर रहा हूं।

28. चले जायेंगे एक दिन तुझे तेरे हाल पर छोड़ कर। कदर क्या होती है एक दिन तुझे वक़्त बतायेगा।

29. सजदे में कोई कमी तो नहीं थी ऐ खुदा।
क्या मुझ से ज्यादा किसी और ने मांगा था उसे।

30. जिंदगी से शिकवा नहीं कि  उसने हमें गम का आदि बना दिया।
गिला तो उनसे है जिन्होंने रोशनी की उम्मीद दिखा कर दिया ही बुझा दिया।

31.  पहले मुफ्त मे लुटाकर इसकी अादत लगाई जाती है,
इश्क हो या नशा दोनो की दुगनी किमत वसूली जाती है।

32.  जिंदगी ने पूछा सपना क्या होता है। हकीकत बोली जो बंद आंखों में अपना होता है खुली आंखों में वही सपना होता है।

33. पत्थर नहीं  हूं मुझमें भी नमी है। अपना दर्द बयां नहीं करता बस इतनी ही कमी है।।

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